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यहाँ के शिक्षाकर्मी साथियों ने किया बड़ी पहल, क्या ये शुरुआत राज्य स्तर पर होना चाहिए?

 

शिक्षाकर्मी परिवार पर कुछ विपत्ति आये तो सबका दायित्व बनता है कि जितना बन पड़े उनकी मदद किया जाय, हम सब चाहे तो बहुत कुछ कर सकते है, ऐसे ही महासमुंद जिले के शिक्षाकर्मी साथियों ने एक शुरुआत किया है, मदद के लिए हाथ बढ़ाया है,  महासमुंद जिले के एक शिक्षाकर्मी साथी की हृदयाघात में निधन हो गया था, जिसकी मदद के लिए ऐसे हुआ शुरुआत।

इसकी पहल करते हुए श्री आशीष देवांगन जी ने अपने ब्लाक अध्यक्ष को ये निवेदन व्हाट्सएप्प पर किया-

भैया सादर नमस्कार,
मुरारी यादव (सहा.शि.न.नि.) रावण भाठा शाला, संकुल-बृजराज महासमुंद में पदस्थ थे। उम्र-28 में ही ह्रदयाघात से उनका निधन हो गया। उनके आश्रित में पत्नी समेत 2 छोटे बच्चे भी हैं। 1 वर्ष पूर्व उनके छोटे भाई का भी देहांत हो गया था।
शासन से देय असग्रेसिया राशि और अनुकम्पा उनके आश्रित पत्नी व् बच्चों को मुरारी भाई के निधन से हुई मार्मिक और पारिवारिक क्षति को कभी नही भर सकते।

 निवेदनपूर्वक अपील है,

न्यूनतम 100 अधिकतम स्वेच्छा से, हमारा अल्प सहयोग वृहद बनकर, उनके परिवार को थोड़ा तो आर्थिक सम्बल देगा ही।

आप सबकी सहमति चाहूँगा,

जिसे हम सामूहिक रूप से उनके पीड़ित शोकाकुल परिवार को मदद कर सकें।
हो सके तो स्टाफ व् आपके संकुल  को प्रेरित भी करें।

इस तरह मदद के लिए हाथ बढे और राशि इकट्ठे किये गए, और सभी ने शोकाकुल परिवार को सहयोग राशि प्रदान किये।

आज दिनांक 27.04.2016 को स्व. मुरारी यादव के गृहग्राम-चपरिद (आरंग) में उनकी पत्नी सरोजनी यादव को प्रथम किस्त  की राशि 27100 महासमुन्द शि.क.पं. शि.न.नि.के अध्यक्ष राजेश साहू, कार्यकारी अध्यक्ष ईश्वरी साहू,  वरिष्ठ शिक्षक ओंकार चन्द्राकर, गेंदराम साहू, समन्वयक जागेश्वर सिन्हा, नगर सचिव केशव साहू, ललित किशोर बया, विजय महंत, भूपेश साहू, कुलेश्वर साहू, पवन डड़सेना के नेतृत्व मे प्रदान किया गया।

आदरणीय समस्त प्राचार्य/नियमित शिक्षक एवम् हमारे पंचायत संवर्ग के साथी सादर नमस्कार।

स्व.मुरारी यादव के परिजनों को सहयोगराशि प्रदान किये।
आप सभी का अमूल्य योगदान का संघ और उनके परिजन सदा आभारी रहेंगे।

सादर आभार, बस शब्द नही।

उनके बेटियों के नाम FD करवाने के लिए भी कार्य कर रहे है-

अभी केवल हमारे ही बृजराज संकुल से 25000.00 प्रदान किये।
अभी बाकी कलेक्शन का उनकी “दोनों बेटियों” (02 एवम् 04 वर्ष) के नाम एफ.डी.का विचार है,
आपसे भी विचार सादर आमन्त्रित है।
जो भविष्य में एफ.डी. बेटियों के काम आये।

इस तरह सहयोग के लिए हाथ बढ़ाया जा रहा है, जो सभी जिलों, सभी विकासखण्डो के लिए अनुकरणीय पहल है।

निश्चित ही ये रूपये उनके दुःखो को खत्म नहीं कर सकता लेकिन थोड़ा कम जरूर कर सकता है, एक लाख अस्सी हजार शिक्षाकर्मी साथी अगर मदद के लिए एक रुपया भी दे तो एक लाख अस्सी हजार रूपये जरुरत मंद परिवार को सहयोग दिया जा सकता है, सिर्फ एक रुपया।

क्या इस पहल पर पुरे छत्तीसगढ़ के सभी संघो और आम शिक्षाकर्मी साथियों को विचार करना चाहिए? क्या राज्य स्तर पर एक सहायता प्रकोष्ट बनाने पर विचार करना चाहिए जिससे जरुरत मंद शिक्षाकर्मी परिवार को फ़ौरन आर्थिक मदद किया जा सके?  संकुल स्तर पर एक शिक्षाकर्मी साथी को जिम्मेदारी देने पर विचार करना चाहिए ? ताकि छत्तीसगढ़ के किसी कोने पर कार्य कर रहे शिक्षाकर्मी साथी को जरुरत पड़ने पर मदद पहुचाया जा सके। सिर्फ एक रुपया और हम सब किसी जरूरतमंद परिवार को एक लाख अस्सी हज़ार की बड़ी धनराशि प्रदान कर सकते है।

हमें उम्मीद है इस पर सभी संघ और आम शिक्षाकर्मी साथी जरूर विचार करेंगे, विपत्ति किसी पर भी आ सकता है, अगर हम किसी की आर्थिक मदद के लिए तैयार रहे तो कई जाने भी बचाई जा सकती है।

हमारा सबसे बड़ा शिक्षाकर्मी परिवार है, एक लाख अस्सी हजार, और हम इतने पड़े परिवार होकर भी अपने ही परिवार के सदस्य का मदद ना कर पाये तो क्या ये सही है? क्या इस पर एक शुरुआत होना चाहिए? क्या सभी संघ प्रमुख एक जिम्मेदार मुखिया का कर्तव्य निभायेंगे? क्या इस बड़े और महत्वपूर्ण मुद्दे पर कोई ठोस शुरुआत करेंगे?

हम वैचारिक मतभेद के कारण अलग-अलग संघो में बँटे है, और सब शिक्षाकर्मी परिवार के हित में ही कार्य कर रहे है, किन्तु विपत्ति की घड़ी में तो दुश्मन भी मदद के लिए आ जाते है, हम तो एक परिवार का हिस्सा है। क्या सहायता प्रकोष्ट एक और राज्य स्तरीय होने पर विचार करना चाहिए? एक संघ प्रमुखों और आम शिक्षाकर्मी के तौर पर आपकी क्या राय है? नीचे कॉमेंट बॉक्स पर दीजिये, जिसे पूरा छत्तीसगढ़ के शिक्षाकर्मी साथी अवगत हो पाएंगे।

ये बहुत बड़ा और विचारणीय मुद्दा है, आपके सुझाव, विचार और सवाल नीचे कॉमेंट बॉक्स पर लिखिए, अगर आपको ये पहल अच्छा लगे और आप चाहते हो कि एक राज्यस्तरीय सहायता प्रकोष्ट बनने हेतु एक शुरुआत हो, तो आप इसे व्हाट्सएप्प और फेसबुक पर शेयर करें ताकि सभी साथियों और हमारे सम्मानीय संघ प्रमुखों तक हमारी बात पहुँच सकें, शेयर करने के लिए नीचे काले बटन में शेयर करे का ऑप्शन दिया गया है।

एक लाख अस्सी हजार शिक्षाकर्मी साथी × 1 रुपया = 180000 रूपये की सहायता राशि।

विचार जरूर करियेगा ……….टीम – shikshakarmi.in

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